Home Current Affairs ( UPSC SPECIAL ) जानिए भारत की धारा के बारे में |

जानिए भारत की [IPC] धारा के बारे में |

* आईपीसी धारा 231 – सिक्के का कूटकरण।

* आईपीसी धारा 232 – भारतीय सिक्के का कूटकरण।

* आईपीसी धारा 233 – सिक्के के कूटकरण के लिए उपकरण बनाना या बेचना।

* आईपीसी धारा 234 – भारतीय सिक्के के कूटकरण के लिए उपकरण बनाना या बे।

* आईपीसी धारा 236 – भारत से बाहर सिक्के के कूटकरण का भारत में दुष्प्रेरण।

* आईपीसी धारा 237 – कूटकॄत सिक्के का आयात या निर्यात।

* आईपीसी धारा 238 – भारतीय सिक्के की कूटकॄतियों का आयात या निर्यात।

* आईपीसी धारा 239 – सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था।

* आईपीसी धारा 240 – उस भारतीय सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था।

* आईपीसी धारा 241 – किसी सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान, जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, कूटकॄत होना नहीं जानता था।

* आईपीसी धारा 242 – कूटकॄत सिक्के पर ऐसे व्यक्ति का कब्जा जो उस समय उसका कूटकॄत होना जानता था जब वह उसके कब्जे में आया था।

* आईपीसी धारा 243 – भारतीय सिक्के पर ऐसे व्यक्ति का कब्जा जो उसका कूटकॄत होना उस समय जानता था जब वह उसके कब्जे में आया था।

* आईपीसी धारा 244 – टकसाल में नियोजित व्यक्ति द्वारा सिक्के को उस वजन या मिश्रण से भिन्न कारित किया जाना जो विधि द्वारा नियत है।

* आईपीसी धारा 245 – टकसाल से सिक्का बनाने का उपकरण विधिविरुद्ध रूप से लेना।

* आईपीसी धारा 246 – कपटपूर्वक या बेईमानी से सिक्के का वजन कम करना या मिश्रण परिवर्तित करना।

* आईपीसी धारा 247 – कपटपूर्वक या बेईमानी से भारतीय सिक्के का वजन कम करना या मिश्रण परिवर्तित करना।

* आईपीसी धारा 248 – इस आशय से किसी सिक्के का रूप परिवर्तित करना कि वह भिन्न प्रकार के सिक्के के रूप में चल जाए।

* आईपीसी धारा 249 – इस आशय से भारतीय सिक्के का रूप परिवर्तित करना कि वह भिन्न प्रकार के सिक्के के रूप में चल जाए।

* आईपीसी धारा 250 – ऐसे सिक्के का परिदान जो इस ज्ञान के साथ कब्जे में आया हो कि उसे परिवर्तित किया गया है।

* आईपीसी धारा 251 – भारतीय सिक्के का परिदान जो इस ज्ञान के साथ कब्जे में आया हो कि उसे परिवर्तित किया गया है।

* आईपीसी धारा 252 – ऐसे व्यक्ति द्वारा सिक्के पर कब्जा जो उसका परिवर्तित होना उस समय जानता था जब वह उसके कब्जे में आया।

* आईपीसी धारा 253 – ऐसे व्यक्ति द्वारा भारतीय सिक्के पर कब्जा जो उसका परिवर्तित होना उस समय जानता था जब वह उसके कब्जे में आया।

* आईपीसी धारा 254 – सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, परिवर्तित होना नहीं जानता था।

* आईपीसी धारा 255 – सरकारी स्टाम्प का कूटकरण।

* आईपीसी धारा 256 – सरकारी स्टाम्प के कूटकरण के लिए उपकरण या सामग्री कब्जे में रखना।

* आईपीसी धारा 257 – सरकारी स्टाम्प के कूटकरण के लिए उपकरण बनाना या बेचना।

* आईपीसी धारा 258 – कूटकॄत सरकारी स्टाम्प का विक्रय।

* आईपीसी धारा 259 – सरकारी कूटकॄत स्टाम्प को कब्जे में रखना।

* आईपीसी धारा 260 – किसी सरकारी स्टाम्प को, कूटकॄत जानते हुए उसे असली स्टाम्प के रूप में उपयोग में लाना।

* आईपीसी धारा 261 – इस आशय से कि सरकार को हानि कारित हो, उस पदार्थ पर से, जिस पर सरकारी स्टाम्प लगा हुआ है, लेख मिटाना या दस्तावेज से वह स्टाम्प हटाना जो उसके लिए उपयोग में लाया गया है।

* आईपीसी धारा 262 – ऐसे सरकारी स्टाम्प का उपयोग जिसके बारे में ज्ञात है कि उसका पहले उपयोग हो चुका है।

* आईपीसी धारा 263 – स्टाम्प के उपयोग किए जा चुकने के द्योतक चिन्ह का छीलकर मिटाना।

* आईपीसी धारा 263क – बनावटी स्टाम्पों का प्रतिषेघ।

* आईपीसी धारा 264 – तोलने के लिए खोटे उपकरणों का कपटपूर्वक उपयोग।

* आईपीसी धारा 265 – खोटे बाट या माप का कपटपूर्वक उपयोग।

* आईपीसी धारा 266 – खोटे बाट या माप को कब्जे में रखना।

* आईपीसी धारा 267 – खोटे बाट या माप का बनाना या बेचना।

* आईपीसी धारा 268 – लोक न्यूसेन्स।

* आईपीसी धारा 269 – उपेक्षापूर्ण कार्य जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो।

* आईपीसी धारा 270 – परिद्वेषपूर्ण कार्य, जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो।

* आईपीसी धारा 271 – करन्तीन के नियम की अवज्ञा।

* आईपीसी धारा 272 – विक्रय के लिए आशयित खाद्य या पेय वस्तु का अपमिश्रण।

* आईपीसी धारा 273 – अपायकर खाद्य या पेय का विक्रय।

* आईपीसी धारा 274 – औषधियों का अपमिश्रण।

* आईपीसी धारा 275 – अपमिश्रित ओषधियों का विक्रय।

* आईपीसी धारा 276 – ओषधि का भिन्न औषधि या निर्मिति के तौर पर विक्रय।